गोपालगंज: जिले के पुलिस ने मादक पदार्थों के मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है, जहां चेक पोस्ट के समीप छापेमारी कर एक पिकअप वैन से पचास करोड़ की मादक पदार्थों के साथ तीन नेपाली तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। गोपालगंज पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार के मुताबिक बताया जाता है कि पुलिस अधीक्षक को यह सूचना प्राप्त हुई थी कि नेपाल से गोपालगंज के रास्ते मादक पदार्थों की तस्करी होने वाली है, इसके बाद पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार के निर्देश पर एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया. साथ ही इस टीम को बलथरी चेक पोस्ट पर उत्तर प्रदेश के रास्ते आने जाने वाले हर वाहनों की सघन चेकिंग का निर्देश दिया गया. इतना ही नहीं जिले के सभी थाना अध्यक्षों को उत्तर प्रदेश की ओर से आने वाली और जाने वाली गाड़ियों की चेकिंग को लेकर विशेष निर्देश दिया गया, ताकि तस्करों को दबोचा जा सके.
इसी बीच गठित छापामारी दल के द्वारा बलथरी चेक पोस्ट पर उत्तर प्रदेश के रास्ते आ रही एक पिकअप वैन को छापेमारी दल ने रुकने का निर्देश दिया। लेकिन चालक पुलिस को चकमा देने की फिराक में गाड़ी को तीव्र गति में लेकर भागने लगा. इसी बीच पुलिस ने घेराबंदी कर पिकअप वैन को अपने कब्जे में ले लिया। जब इस वैन की तलाशी ली गई तो वन के अंदर बने बॉक्स में 265 किलोग्राम का मादक पदार्थ चरस बरामद किया गया. साथ ही वाहन के साथ तीन तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया. इनकी पहचान, नेपाल जिले के परसा थाना बीरगंज गांव रानीघाट निवासी मदन रावत का पुत्र प्रकाश कुमार कुर्मी, विशाल साहनी का पुत्र विनय कुमार, मधवल थाना एकटंगा जिला परसा नेपाल, वहीं तीसरा तस्कर भी नेपाल के परसा जिला वीरगंज थाना रानीघाट गांव निवासी सुरेश श्रीवास्तव का पुत्र विक्की कुमार श्रीवास्तव है, पूछताछ के बाद पुलिस ने बताया कि यह चरस की खेप तस्करो के द्वारा उत्तर प्रदेश के बरेली में होने वाली थी,हालांकि इनके पास से प्राप्त मोबाइल में चरस के मालिक का नाम विनय कुमार सहनी सामने आया है, जहां इसकी डिलीवरी की जानी थी. विनय सहनी उत्तर प्रदेश के बरेली का रहने वाला है,वही इनकी गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी दल में कुचायकोट थाना अध्यक्ष अश्वनी तिवारी एसआई नागेंद्र साहनी, साजिद खा सिपाही लालू कुमार, राजकुमार सिंह,चौकीदार अमित कुमार,रवि शंकर चौधरी के द्वारा की गई ।