परवेज अख्तर/सिवान: लॉक डाउन ज्यों ज्यों सामान्य होता गया त्यों त्यों प्रवासियों का अन्य प्रांतों में जाना शुरू हो गया और ऐसे प्रवासी लोग बसों में जैसे तैसे बैठकर जा रहे है. सीवान, छपरा से गुठनी के रास्ते दिल्ली जाने के लिये आधा दर्जन से अधिक बसें प्रतिदिन जा रही है और सभी बसों में ओभरलोड सवारी बैठे मिलते है. स्लीपर बसों में एक स्लीपर सीट पर दो से चार लोग बैठे मिल रहे है.
यही नहीं बस में इतनी भीड़ के बावजूद कोविड-19 का सुरक्षात्मक मानक कोई नहीं पूरा कर रहा है लगता है माश्क लगाना लोग भूल गये. यात्रियों के अलावा बस कर्मचारी भी माश्क का प्रयोग नहीं समान कर रहे. बस किराया भी बस कर्मचारियों द्वारा तय किया जाता है उसका कोई मानक नहीं है. बस के टिकट बुक करने वाले एजेंट से कंडक्टर तक सभी मनमाने तरीके से किराया वसूल करते है.
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