यूरोप का एक छोटा सा देश हंगरी के बारे में लोग बहुत ही कम जानते हैं लेकिन हंगरी में कुछ ऐसी चीजें होती हैं जो दुनिया के किसी भी जगह नहीं होती आज के इस पोस्ट में हम बात करने वाले हैं Hungary के बारे में कुछ ऐसी बातें जो शायद आपको नहीं मालूम होगी। हंगरी यूरोप के पूर्व में स्थित एक छोटा सा देश है जिसे एक बहुत ही प्राचीन देश माना जाता है और एक समय में यह देश रोमन साम्राज्य का हिस्सा था। एक समय पर ऐसा दौर आया की इस देश पर हंस नामक प्रजाति ने आक्रमण कर दिया और तब से यह देश हंगरी के नाम से जाना जाता है। हुंगरी में बोले जाने वाली भाषा हंगेरियन (Hungarian) है जो हंस प्रजाति से काफी प्रभावित माना जाता है। हंगरी एक ऐसा देश है जिसके पास कुल 13 नोबेल प्राइज (Nobel Prize) मौजूद है जोकि जापान,भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से भी अधिक है। हंगरी में पैदा होने वाले बच्चे का नाम खुद से नहीं रखा जा सकता हंगरी सरकार के द्वारा एक लिस्ट निकाला जाता है और माता पिता को अपने बच्चे का नाम उसी लिस्ट में से रखना होता है।
हंगरी के ज्यादातर लोग एक दूसरे को नाम से नहीं बुलाते और नाम के जगह यहां पर सरनेम का इस्तेमाल बहुत ही अधिक होता है Hungary दुनिया एकमात्र देश है जहां पर सबसे बड़ा संख्या वाला नोट निकाला गया और यह इतना बड़ा है कि इसको लिखने के लिए एक के बाद 18 शून्य बैठाना होता है। हंगरी का नाम उन देशों में आता है जहां दुनिया में सबसे पहले मेट्रो का शुरूआत किया गया। हंगरी का पार्लियामेंट बिल्डिंग दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा parliament building है और यह बिल्डिंग हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट (Budapest) का सबसे बड़ा बिल्डिंग माना जाता है। हंगरी का आदमी प्रति इनकम और यहां के लोगों का रहन सहन काफी अच्छा माना जाता है लेकिन फिर भी यहां पर आत्महत्या की संख्या बहुत ही ज्यादा है और यह एक ऐसा देश है जहां पर आदमी प्रति सबसे ज्यादा आत्महत्या होता है। बहुत सारे लोगों का मानना है कि यहां के ज्यादातर लोग बहुत उदास होने की वजह से आत्महत्या करते हैं और बहुत सारे लोगों का मानना है कि यहां के लोग कैंसर की वजह से आत्महत्या करते हैं लेकिन ज्यादातर लोगों का यही मानना है कि जहां दुनिया में आत्महत्या को कायरता का प्रतीक माना जाता है वही हंगरी में इसे वीरता का प्रतीक माना जाता है।
यह भी पढ़े :- रोमानिया एक काले जादू का देश
हंगरी में चलने वाली मुद्रा हंगेरियन फ़ोरिंट (hungarian forint) है और एक हंगेरियन फ़ोरिंट भारत का लगभग 0.24 भारतीय रुपए होते है एक समय पर Hungary सोवियत संघ का हिस्सा माना जाता था। और उस वक्त हंगरी का आदमी प्रति इनकम काफी अधिक था हंगरी में ज्यादातर लोग ईसाई धर्म का पालन करते है।
पटना / सिवान। बिहार में बाढ़ का संकट गंभीर बना हुआ है। आपदा प्रबंधन विभाग…
सिवान। सदर अस्पताल में एंटी-रेबीज वैक्सीन (एआरवी) का स्टॉक खत्म होने से शुक्रवार को जानवरों…
सिवान। महाराजगंज प्रखंड के रैयतों को राजस्व विभाग से जुड़ी समस्याओं को लेकर भारतीय किसान…
सिवान। जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय ने जिले में छह दिवसीय ऋण वसूली शिविर का आयोजन…
पटना: बिहार में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने करवट ली है। मौसम विभाग ने…
मैरवा (सीवान): कबीरपुर स्थित गायत्री इंडेन गैस एजेंसी पर रविवार को उपभोक्ताओं ने जमकर हंगामा…