परवेज़ अख्तर/सिवान:
बिहार ग्राम स्वराज योजना सोसाइटी पंचायती रात विभाग के तत्वावधान में जिला परिषद सभागार में मंगलवार से सतत विकास लक्ष्य के स्थानीयकरण हेतु विविध थीम पर त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों एवं कर्मियों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। उप विकास आयुक्त भूपेंद्र प्रसाद यादव, जिला परिषद अध्यक्ष संगीता यादव, जिला पंचायती राज पदाधिकारी शैलेश कुमार चौधरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर प्रशिक्षण का विधिवत शुभारंभ किया। पहले दिन जीरादेई व लकड़ी नबीगंज के जनप्रतिनिधियों को थीम वन गरीबी मुक्त एवं आजीविका उन्नत गांव के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।इस दौरान प्रशिक्षक रुपेश चंद्र तिवारी व विक्रांत कुमार द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को तीन सत्र में प्रशिक्षण दिया गया । अपने संबोधन में डीडीसी ने कहा कि गरीबी मुक्त एवं आजीविका उन्नत गांव यह सुनिश्चित करती है कि सामाजिक सुरक्षा हो, ताकि कोई भी गरीबी की ओर वापस ना जाए। एक ऐसा गांव जहां सभी के लिए बेहतर आजीविका के साथ विकास और समृद्धि हो। बताया कि इस थीम की प्राप्ति के लिए केंद्र सरकार द्वारा कुल 16 लक्ष्य तथा 37 संकेतक निर्धारित किया गया है।
तीन सत्रों में दी गई विस्तृत जानकारी :
पहले सत्र में जनप्रतिनिधियों एवं कर्मियों का पंजीकरण, स्वागत एवं परिचय किया गया। इसके बाद सतत विकास लक्ष्य के तहत उत्पति, महत्व एवं उद्देश्य के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। वहीं दूसरे सत्र में लक्ष्य संकेतक एवं हितधारक व स्कीम व लाइन विभाग आदि के बारे में बताया गया। वहीं तीसरे व अंतिम सत्र में गांव गरीबी उन्मूलन योजना का एसडीजी के साथ अभिसरण, गरीबी मुक्त एवं आजीविका उन्नत गांव में जनप्रतिनिधियों की भूमिका तथा इसके लिए कार्य योजना का निर्माण आदि के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में सदर बीपीआरओ सतीश कुमार तिवारी, दारौंदा बीपीआरओ जनार्दन प्रसाद सिंह सहित ग्राम पंचायत के मुखिया, उप मुखिया व जनप्रतिनिधि मौजूद थे।