✍️परवेज अख्तर/सिवान:
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चे के जन्म से लेकर 18 साल तक के बच्चाें में अगर किसी भी प्रकार की बीमारी हो तो सरकार उसका पूरा उपचार कराएगी। इसके तहत मुख्य रूप से बच्चोंं में जन्म के समय से हुई बीमारी या विकृति का पता लगाकर उनका पूरा इलाज किया जाएगा। ऐसे में बच्चाेंं में पनप रहे रोगों की पहचान गृह स्तर पर ही हाेगी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम 42 तरह के रोगों की लक्षण के आधार पर पहचान करेगी।
साथ ही लक्षण के अनुरुप इलाज भी होगा। सिविल सर्जन डा. अनिल कुमार भट्ट ने बताया कि गरीब व जरुरतमंद परिवार जिनकी माली हालत ठीक नहीं होने के कारण वे अपने बच्चाें की गंभीर बीमारियों का इलाज नहीं करा पाते हैं। इस कारण बच्चाें को जीवनभर कई परेशानियाें का सामना करना पड़ता है। ऐसे ही परिवार के बच्चों के लिए सरकार द्वारा राष्टीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, ताकि इसके माध्यम से बच्चों का इलाज संभव हो सके।
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