परवेज अख्तर/सिवान : बिहार के नियोजित शिक्षक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 17 फरवरी से लगातार हड़ताल पर हैं।लगभग दो महीने से जारी हड़ताल पर सरकार द्वारा अब तक कोई सकारात्मक पहल न करना सरकार की हठधर्मिता का परिचायक है। वर्तमान समय में पूरा देश कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी से जूझ रहा है। इस वैश्विक महामारी में हड़ताली शिक्षकों ने अपने सामाजिक दायित्वों का पालन करते हुए प्रत्येक गांव में घूम-घूम कर कोरोना वायरस से बचने के लिए आम जनता के बीच जागरूकता अभियान चलाया और मुफ्त में साबुन, मास्क तथा सेनेटाइजर आदि का वितरण भी किया लेकिन जब 23 मार्च से लॉकडाउन लगा तब से शिक्षक इसका पालन करते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से भी कोरोना के विरुद्ध लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
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