पटना: बिहार में शराबबंदी कानून लागू है, यह सभी को पता है। यह कानून बीते 5 साल से लागू है। बावजूद इस पर कितना अमल होता है, इस बात से आला अधिकारियों को छोड़कर सभी वाकिफ हैं। बिहार में ऐसा कोई दिन नहीं, जब तस्करों द्वारा बड़ी मात्रा में लाई जा रही शराब पुलिस बरामद नहीं करती। इससे एक बात तो साफ जाहिर होती है कि शराबबंदी कानून के लागू होने से सबसे ज्यादा फायदा तस्करों और माफियाओं का हुआ है, क्योंकि वह ऊंचे दाम पर शराब की बिक्री कर लाखों कमा रहे हैं।
इनसब के बीच बात करेंगे मुजफ्फरपुर की, जहां सरकारी संपत्ति पर ही शराब कारोबारियों ने कब्जा कर लिया। यहां के सरकारी स्कूल को ही कारोबारियों ने शराब बेचने का अड्डा बना लिया और वहीं धड़ल्ले से खरीद बिक्री का कारोबार करने लगे। बीते दो सालों से सरकारी स्कूल बच्चों के लिए बंद था। इसी बात का फायदा उठाकर शराब कारोबारियों ने इसे शराब का अड्डा बना लिया।
इस संदर्भ में खबर मिलते ही साहेबगंज थानाध्यक्ष अनूप कुमार के नेतृत्व में टीम गठित कर थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय में छापेमारी की गई। टीम ने करीब 250 कार्टन विदेशी शराब बरामद किया है। वहीं छापेमारी की भनक लगते ही शराब कारोबारी फरार हो गया। पुलिस शराब कारोबारियों की गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई करते हुए छापेमारी कर रही है।
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