परवेज अख्तर/सिवान : जिले हुसैनगंज थाना क्षेत्र के हथौड़ी टोला रामनगर गांव में बुधवार की सुबह बगीचे में खेल रही एक अबोध बच्ची को बोरा में ढक कर अगवा करने की नीयत से आए तीन बदमाशों को ग्रामीणों ने पकड़ कर जमकर पीटा। पिटाई की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद तीनों आरोपितों को ग्रामीणों से छुड़ाकर थाना लाया। अबोध बच्ची गांव के ही मिठू यादव की पुत्री बताई जाती है। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि इनके अन्य साथी भागने में सफल रहे। वहीं पुलिस ने तीनों से पूछताछ कर रही है। जबकि खबर प्रेषण तक इस मामले में किसी ने कोई आवेदन पुलिस को नहीं दिया था। घटना के संबंध में बताया जाता है कि उक्त गांव के मिठू यादव की पुत्री रानी कुमारी (पांच वर्ष) बुधवार को अपने घर के बगल के बगीचे में खेल रही थी। इसी बीच लगभग आधा दर्जन की संख्या में आए बदमाशों ने उसे अगवा कर लिए और बोरे से ढक कर भागने लगे तभी घर की छत पर खेल रही उसकी बहन प्रीति कुमारी ने यह माजरा देख का शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर काफी संख्या में खेत में काम करने वाले ग्रामीण और आसपास के लोग वहां एकत्रित हो गए। शोर गुल की आवाज सुनकर बगल के खेत में काम रहे श्रद्धानंद यादव,जगन्नाथ यादव ने तीनों को गांव वालों की मदद से दौड़ा कर पकड़ लिया और उनकी पिटाई शुरू कर दी। ग्रामीणों ने एक पेड़ से उन्हें रस्सी के सहारे बांध लिया और जमकर पिटाई की। इधर अपहरणकर्ताओं के चंगुल से बची रानी कुमारी की मां प्रभावती देवी ने बताया कि अगर मेरी पुत्री प्रीति कुमारी ने छत से यह सब नहीं देखा होता तो मेरी लाडली रानी को को बदमाश अगवा कर लेकर फरार हो जाते। इधर घटना की सूचना स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने हुसैनगंज थानाध्यक्ष अरुण कुमार को दी। थानाध्यक्ष के निर्देश पर पहुंची हुसैनगंज थाना पुलिस की टीम को आक्रोशित ग्रामीणों का कोपभाजन का शिकार होना पड़ा। पुलिस काफी मशक्कत के बाद बंधक बने तीनों अपराधियों को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ा कर ले गई। पुलिस अपने साथ तीनों को लेकर चली गई। इस संबंध में थानाध्यक्ष अरुण कुमार ने बताया कि अभी परिजनों द्वारा कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके। पुलिस का कहना हिरासत में लिए गए तीनों का कहना कबाड़ का करते हैं काम थानाध्यक्ष अरुण कुमार ने बताया कि हिरासत में लिए तीनों बदमाशों ने बताया कि वे कबाड़ का काम करते हैं।
कबाड़ चुनने के लिए वे गांव में गए थे तभी गांव के लोगों ने उन्हें बच्चा चोर कह कर पकड़ लिया और पेड़ से बांध कर पिटाई शुरू कर दी। वहीं थानाध्यक्ष का कहना है कि उनके शारीरिक ढांचा को देखा जाए तो वे किसी भी तरह से कबाड़ी वाले नहीं लगते हैं। पूछताछ की जा रही है और ये कहां रहते हैं वहां का भी लोकेशन लेकर पड़ताल की जाएगी कि ये क्या वाकई में कबाड़ का काम करते हैं या नहीं? जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।[sg_popup id=”5″ event=”onload”][/sg_popup]
