“मरने वाले मरते है लेकिन फ़ना होते नहीं, वो हकीकत में कभी हमसे जुदा होते नहीं”
परवेज अख्तर/सिवान :- करबला की जंग में इमाम हुसैन व उनके 72 साथियों की शहादत को लेकर मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के मर्दापुर पश्चिम टोला गांव के ग्रामीणों ने हुसैन की शहादत की यादें ताज़ा कर दिया। गांव के “क्या बूढ़े, क्या नवजवान” लोगों में रविवार की देर रात्रि से लेकर सोमवार की अहले सुबह तक हुसैन की याद में मातम करते रहें। इस दौरान या हसन-या हुसैन के नारों से पूरा गांव गूंज उठा।
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