डायरिया के खिलाफ अभियान: आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर बांट रही हैं ओआरएस का पैकेट

  • परिवार के सदस्यों को ओआरएस का घोल बनाने की बता रही हैं विधि
  • जिले में चल रहा है सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा
  • डायरिया की पूरी तरह से रोकथाम के लिए साफ सफाई बेहद जरूरी

परवेज अख्तर/सिवान: 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। जिसे नियंत्रित कर उन्हें असमय कुपोषित होने से भी बचाया जा सकता है. इसी उद्देश्य को सफल बनाने के लिए 15 जुलाई से जिले में सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा चलाया जा रहा है. जिला स्वास्थ्य प्रशासन सतर्कता और मुस्तैदी से निश्चित समय सीमा के भीतर इस अभियान को सफल बनाने के प्रयास में लगा है. ताकि हर घर और हर बच्चे तक ओआरएस के रूप में राहत की पुड़िया पहुंचे. प्राथमिकता के आधार पर जहां पूर्व में डायरिया की समस्या हुई हो तथा बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्र और दूर दराज़ के क्षेत्र हैं उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. ओआरएस के पैकेट और जिंक की गोलियां पहुंचाने के साथ लोगों को दस्त नियंत्रण और प्रबंधन पर जागरूक किया जा रहा है.

डायरिया की पूरी तरह से रोकथाम के लिए साफ-सफाई बेहद जरूरी

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय ने बताया कि पूरे पखवाड़ा के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ता न सिर्फ डायरिया की दवा का वितरण व बचाव की जानकारी देंगे, बल्कि साफ सफाई के प्रति भी लोगों को जागरूक कर रहे हैं. उन्होंने बताया डायरिया की पूरी तरह से रोकथाम के लिए साफ सफाई बेहद जरूरी है. दस्त की रोकथाम के लिए साफ व स्वच्छ पानी पीना, हाथों को साबुन से धोना, साफ सफाई का ख्याल रखने का अहम योगदान होता है. इन आदतों को अगर लोग अपनाएंगे और बच्चों में शुरू से इसकी आदत डालेंगे तो डायरिया से बचेंगे. बदलते मौसम में केवल बच्चे ही नहीं बल्कि बड़े भी डायरिया से पीड़ित हो रहे हैं. इसके कारण डिहाइड्रेशन होने से समस्याएं बढ़ जाती एवं कुशल प्रबंधन के अभाव में यह जानलेवा भी हो जाता है.

इन लक्षणों पर ध्यान दें

  • लगातार पतले दस्त का होना
  • बार-बार दस्त के साथ उल्टी का होना
  • प्यास का बढ़ जाना
  • भूख का कम जाना या खाना नहीं खाना
  • दस्त के साथ हल्के बुखार का आना

दस्त में खून आना जैसे लक्षणों के आधार पर डायरिया की पहचान आसानी से की जा सकती है।

इन लक्षणों के दिखते ही सतर्क हो जाएंप्राथमिक उपचार के रूप में ओआरएस का घोल दिया जा सकता है. जिससे निर्जलीकरण की स्थिति से बचा जा सके. अगर मरीज को इससे राहत न मिले तो बिना देर किए या किसी अन्य घरेलू या नीम हकीम द्वारा दिये गए उपचार से बचना चाहिए. तुरंत मरीज को चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए ताकि शीघ्र इलाज की समुचित व्यवस्था हो सके.

ओआरएस घोल और जिंक टेबलेट के फायदे

  • दस्त में कमी आती है.
  • जल्द ही दस्त बंद हो जाते हैं.
  • आने वाले तीन माह तक दस्त व निमोनिया से बचाव करता है.
  • जिंक टैबलेट कैसे दें.
  • दो माह से छह माह तक के बच्चे को दिन में एक बार आधी गोली मां के दूध से दें.
  • छह माह से पांच वर्ष तक के बच्चे को दिन में एक बार एक गोली मां के दूध या पानी से दें.
Siwan News

Recent Posts

बिहार मौसम अपडेट: 19 जिलों में ‘येलो अलर्ट’, 50km/h की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

पटना: बिहार में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने करवट ली है। मौसम विभाग ने…

May 11, 2026

मैरवा: कबीरपुर में गैस रिफिलिंग नियमों को लेकर फूटा ग्राहकों का गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी

मैरवा (सीवान): कबीरपुर स्थित गायत्री इंडेन गैस एजेंसी पर रविवार को उपभोक्ताओं ने जमकर हंगामा…

May 11, 2026

सिवान: हत्या मामले में फरार आरोपित को पुलिस ने पकड़ा

सिवान: पचरुखी थाने की पुलिस ने शुक्रवार की सुबह भवानी मोड़ के समीप से हत्या…

January 25, 2025

खुशखबरी: सिवान से वाराणसी सिटी तक चलेगी महाकुंभ स्पेशल ट्रेन

सिवान जंक्शन से महाकुंभ स्पेशल ट्रैन यात्रियों के लिए चलेगी, रेलवे ने यात्रियों की सहूलियत…

January 13, 2025

बिहार में सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, नया कानून पास

पटना: बिहार में अब सरकारी जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों पर अवैध कब्जा करने वालों…

November 28, 2024

सिवान: हनुमान मंदिर में की गई आरती, हुआ प्रसाद वितरण

परवेज अख्तर/सिवान: शहर के सिसवन ढाला लक्ष्मीपुर हनुमान मंदिर में मंगलवार की देर संध्या श्रीमाता…

August 21, 2024