छपरा: जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बच्चों की पढाई भी प्रभावित होने लगी है। पानापुर, मकेर, मशरक आदि प्रखंडों के कई स्कूल ऐसे हैं जो पानी से घिरे हैं। ऐसे में अभिभावक बच्चों को स्कूल नहीं भेजते। उससे भी बड़ी परेशानी तो उन लोगोें को है जो बाढ़ के कारण अपना घर छोड़ दूर सारण तटबंध पर तंबू में रह रहे हैं। सर्प, जंगली जानवरों का डर बना रहता है। शौचालय की बड़ी समस्या होती है। सरकारी शौचालय पानी में या तो डूब गये हैं या ध्वस्त हो गये हैं। ऐसे में बाढ़पीड़ितों की जिंदगी अभी भी पटरी पर नहीं लौटी है।
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