परवेज अख्तर/सिवान : सीवान में झोला छाप डॉक्टरों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम में लगाने का आदेश देना सिविल सर्जन को महंगा पड़ा। सरकार ने कार्रवाई करते हुए उन्हें बुधवार को सस्पेंड कर दिया। प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि 25 मार्च को सिविल सर्जन डॉ अशेष कुमार ने जिले के सभी चिकित्सा पदाधिकारियों को झोला छाप से संबंधित आदेश जारी किया था। इसमें कहा था कि उन्हें चिन्हित कर सूची दे ताकि उन्हें कोरोना वायरस के संक्रमण से लड़ने के लिए प्रशिक्षण दिया जा सके। सिविल सर्जन ने इसके लिए सरकार से कोई अनुमति नहीं ली थी। इस अटपटे आदेश की प्रति सोशल मीडिया पर वायरल हो गई जिससे सरकार की पूरे देश में छवि धूमिल हो गई। बिहार सरकार ने इस आदेश से हो रही जग हँसाई को काफी गम्भीरत से लेते हुए सीवान के सिविल सर्जन को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया। इस सख्त कार्रवाई के बाद सरकार ने जल्द ही नये सिविल सर्जन की नियुक्ति करने का संकेत दिया है।
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