परवेज अख्तर/सिवान: जिले के गुठनी प्रखंड से दरौली होकर जिले के दक्षिणांचल तक बहने वाली सरयू नदी का जल स्तर धीरे-धीरे वार्निंग लेबल के करीब पहुंच रहा है। इसके बावजूद भी बाढ़ विभाग के पदाधिकारी सुस्त नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों की माने तो तटबंधों पर प्रत्येक वर्ष निगरानी के लिए होमगार्ड के जवान तैनात किए जाते थे, लेकिन अब तो बांध की निगरानी के लिए कोई मजदूर भी नहीं रखा जाता। ग्रामीणों ने कहाकि मैरिटार से दरौली तक सड़क के किनारे दर्जनों रेन कट हो जाने से जलस्तर ज्यादा बढ़ने पर बांध टूटने का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद भी रेनकट की सूचना बाढ़ विभाग के पदाधिकारियों को नहीं है। मैरिटार से अमरपुर तक कटाव होने के बावजूद केवल अमरपुर में ही कटावरोधी कार्य किया जा रहा है।
मैरिटार के तरफ विभाग के कोई भी पदाधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। सोमवार को दरौली में नदी का जलस्तर 59.440 मीटर मापा गया, जबकि यहां वार्निंग लेबल 59.82 मीटर निर्धारित है। अर्थात वार्निंग लेबल से मात्र .37 मीटर कम नदी का जल स्तर है। वहीं सिसवन में सरयू नदी का जलस्तर सोमवार को 54.520 मीटर मापा गया जबकि यहां खतरे का निशान 57.04 मीटर निर्धारित है अर्थात यहां सरयू नदी का जल स्तर खतरे के निशान से 2.52 मीटर नीचे है। बाढ़ विभाग के एसडीओ नवल किशोर भारती ने बताया कि विभाग लगातार गश्त कर रहा है, प्रत्येक परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
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