परवेज अख्तर/सिवान : सेवानिवृत्त न्यायाधीश एवं सिविल कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे वरीय अधिवक्ता मोहन लाल दास के निधन की वजह से परंपरा के अनुसार अधिवक्ताओं ने गुरुवार को अपने को न्यायिक कार्य से अलग रखते हुए कोई कार्य नहीं किया। इस प्रकार वकीलों के न्यायिक कार्य से हटने पर न्यायालय में किसी भी मामले का निष्पादन नहीं किया जा सका।अधिवक्ता मोहन लाल दास किडनी के बीमारी से ग्रसित थे और उनका इलाज लखनऊ में चल रहा था। गत रात्रि को उन्होंने अंतिम सांस लिया। इसकी सूचना मिलते ही व्यवहार न्यायालय में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन के पश्चात दोपहर 12 बजे संघ भवन में एक शोक सभा का आयोजन संघ सचिव की अध्यक्षता में किया गया। वक्ताओं ने अधिवक्ता मोहन लाल दास के मृदुभाषी स्वभाव की चर्चा की और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया। इस मौके पर सिविल कोर्ट के सैकड़ों अधिवक्ता उपस्थित थे।
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