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होमगार्ड हत्याकांड का मुख्य आरोपी सद्दाम दो दोस्तों संग चढ़ा पुलिस के हत्थे

गुप्त सूचना के आधार पर एसपी के निर्देश पर बड़हरिया थानाध्यक्ष ने की छापेमारी

पुलिस को देख सद्दाम ने की पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी किया फायरिंग

तीन माह के अंदर जिला में हुए लूट के सभी मामले में है मुख्य अभियुक्त

पूछताछ में स्वीकारी अपनी संलिप्तता, चंदन सिंह के इशारे पर करता था लूट

परवेज़ अख्तर/सिवान :- सीवान पुलिस को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसपी के पदभार के बाद जिले में हुए हत्या, लूट, डकैती मामले का मुख्य आरोपी अपने दो दोस्तों के साथ गुरुवार की देर शाम पुलिस के हत्थे चढ़ गया। गुरुवार को पुलिस को सूचना मिली कि सद्दाम अपने दो साथियों के साथ एक बगीचे में बैठ किसी घटना को देने का अंजाम बना रहा है। सूचना मिलते ही एसपी नवीनचंद्र झा ने बड़हरिया थानाध्यक्ष मुकेश कुमार के नेतृत्व में एक टीम गठित कर सूचना के आधार पर छापेमारी कर गिरफ्तारी का निर्देश दिया। निर्देश मिलते ही थानाध्यक्ष मुकेश कुमार सशस्त्र बल के साथ बड़हरिया थाना क्षेत्र के तेतहली स्थित बगीचा में पहुंचे जहां सद्दाम अपने दो साथी के साथ रणनीति तैयार कर रहा था। पुलिस को देखते ही सद्दाम एवं उसके साथी भागने के लिए पुलिस पर फायरिंग किए लेकिन पुलिस भी पीछे नही हठी एवं जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की। दोनों तरफ से 4-5 राउंड फायरिंग के बाद सद्दाम अपने दोनों साथियों के साथ पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया। कुख्यात सद्दाम आलम उर्फ रवि सिंह को उसके दो अन्य सहयोगियों क्यामुद्दीन मियां एवं किताबुद्दीन मियां को पुलिस ने तीन देशी कट्टा, एक पिस्टल और चार जिंदा गोली, चार खोखा एवं एक मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किया। इस मामले का खुलासा शुक्रवार को एसपी नवीनचंद्र झा ने अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता कर दिया। एसपी ने बताया कि जानकारी मिली थी कि सद्दाम आलम उर्फ रवि सिंह अपने सहयोगियों के साथ बड़हरिया थाना क्षेत्र के तेतहली गांव स्थित बगीचे में बैठकर किसी बड़े अपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा था। जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी जो सकी है। एसपी ने बताया कि सद्दाम बड़हरिया थाना क्षेत्र के सावना गांव का निवासी है। एव पकड़े गए उसके साथी नगर थाना क्षेत्र के अस्पताल रोड नया बाजार पोखरा निवासी क्यामुद्दीन मियां तथा बड़हरिया थाना क्षेत्र के सिसवां गांव निवासी किताबुद्दीन मियां को गिरफ्तार किया गया। एसपी ने बताया कि सद्दाम हुसैनगंज थाना क्षेत्र के जुड़कन मोड़ पर हुए होमगार्ड जवान बशिंद्र दत्त हत्याकांड का मुख्य आरोपी था। इसके पास से हत्याकांड में शामिल पिस्टल जिससे होमगार्ड जवान को गोली मारी थी वह भी मिला है। वही शहर के चुआठ गली स्थित दवा व्यवसायी चंद्र ज्योति सर्जिकल के मालिक पर गोलीकांड का भी मुख्य अभियुक्त है। जिसने अपनी संलिप्तता स्वीकार किया है। दवा व्यवसायी पर जिस कट्टा से गोली मारी थी वह भी कट्टा बरामद किया गया है। एसपी ने बताया कि सद्दाम एवं उसके साथी कुख्यात अपराधी है। सद्दाम पर जिले में 20 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा गोपालगंज में 15 एवं छपरा में मामला दर्ज हैं। एसपी ने बताया कि विगत तीन माह में जिले में जितने भी लूट एवं डकैती की घटना घटी है सभी मे सद्दाम मुख्य आरोपी है पूछताछ के दौरान संलिप्तता स्वीकार किया।htyare ko pakda

चंदन के इशारों पर देता था घटना को अंजाम

कुख्यात अपराधी सद्दाम आलम उर्फ रवि सिंह जेल में बंद चंदन सिंह के इशारों पर लूट के घटना को अंजाम देता था। गुरुवार को बड़हरिया थाना क्षेत्र के तेतहली से पुलिस के हत्थे चढ़ा सद्दाम ने पुलिस से पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि वह जेल में बंद चंदन सिंह के इशारों पर जिले में लूट, डकैती के घटना को अंजाम देता था। उसने पुलिस को बताया कि होमगार्ड जवान, शहर के दवा व्यवसायी गोलीकांड, महाराजगंज में छड़ व्यवसायी गोलीकांड, बीके सिंह के अस्पताल पर फायरिंग सद्दाम ने ही किया है। एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान सद्दाम ने स्वीकार किया 2014 में चंदन से जेल में इसकी मुलाकात हुई थी। एवं जेल से निकलने के बाद भी चंदन से इसका लगातार संपर्क था। यहां तक कि चंदन का सिवान जेल से बक्सर भेजे जाने के बाद भी इसका संपर्क बना था। चंदन के इशारे पर ही कई लूट की घटना को अंजाम देता था। चंदन ने ही महाराजगंज छड़ व्यवसायी एवं बीके सिंह तथा चंद्र ज्योति सर्जिकल से रंगदारी की मांग कराई थी। नही देने पर इन्हें डराने के लिए हमला कराया था। एसपी ने बताया कि सद्दाम ने तीन माह के अंदर जिले में जितने भी लूट की घटना हुई थी उसमें दो को छोड़ सभी घटनाओं को अंजाम दिया था।

आर्म्स मामले में होगा स्पीडी ट्रायल

एसपी ने बताया कि जितने भी आपराधिक मामले हो रहे है उसमें आर्म्स मामले में सभी मामलों बक स्पीडी ट्रायल होगा। स्पीडी ट्रायल से अपराधियों पर नकेल कसी जायेगी। ऐसे अपराधी घटना देने के बाद पकड़े जाने पर जेल से दो माह पर बेल पर रिहा हो कर बाहर आ जाते है। लेकिन स्पीडी ट्रायल से अपराधियों पर नकेल कसी जाएगी। इससे अपराधियों के बीच भी भय का माहौल बना रहेगा एवं घटना को अंजाम देने में भी डर बना रहेगा।

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