परवेज अख्तर/सिवान: शून्य से पांच साल तक के बच्चों की मृत्यु का ब्योरा आनलाइन पोर्टल पर दर्ज होने लगा है। यह आंकड़े अब तक मैन्युअल ही रखे जाते रहे हैं। अब इसका भी डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है। इसमें मौत के कारणों का भी जिक्र होगा, ताकि शिशु मृत्यु के आंकड़े की समीक्षा की जा सके। इसका आने वाले दिनों में बेहतर परिणाम देखने को मिलने लगेगा। समीक्षा रिपोर्टिंग को सुगम और सरल बनाने के लिए पोर्टल पर आनलाइन ब्योरा अपलोड करने की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की ससमय समीक्षा कर उनका त्वरित निवारण करना है।
आनलाइन डाटा उपलब्ध होने के बाद किन रोगों से सबसे अधिक शिशुओं की मौत हो रही है, किस मौसम में किस तरह के रोग से किस जिले में कितने शिशुओं की मौत होती है, वहां पर उस रोग से उपचार की क्या सुविधा है और सुधार के लिए क्या किया जाना जरूरी है आदि की जानकारी हो सकेगी। सिविल सर्जन डा. अनिल कुमार भट्ट ने बताया कि शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों का मृत्यु का डाटा आनलाइन अपलोड किया जा रहा है। उसमें मौत का कारण भी दिया जा रहा है।
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