बड़ी खबर

महामारी में महेंद्र बने गरीबों के मसीहा, 2 लाख से अधिक रुपये गरीबों पर किए खर्च

  • घर-घर पहुंचाया खाने का पैकेट
  • गरीब एवं लाचार लोगों की सेवा में हमेशा रहते हैं तत्पर

नवादा : ” कौन कहता है आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों”. दुष्यन्त कुमार की ये पंक्तियां हौसलों को असीमित उड़ान देती है। कुछ ऐसे ही सोच के साथ नवादा के मिर्जापुर निवासी महेंद्र कुमार कोरोना महामारी के दौरान गरीब एवं लाचार लोगों की सेवा करने में जुटे हैं। महामारी के दौरान जहाँ लोग घर से निकलने में कतरा रहे हैं, वहीं महेंद्र सेवा भाव की नई मिसाल कायम कर रहे हैं। महेंद्र ने अभी तक अपने निजी आय से गरीबों पर 2 लाख से अधिक रुपये की राशि खर्च की है। चाहे घर-घर जाकर लोगों को खाने का पैकेट देना हो या महामारी के कारण अन्य परेशानियों में लोगों की मदद करनी हो, सभी मौके पर वे लोगों की सेवा कर रहे हैं। यही वजह है कि कुछ लोग उन्हें मसीहा का तमगा देने लगे हैं।

500 से अधिक लोगों की है मदद

कोरोना के कारण कई लोगों की रोजगार छीन गयी,जिसके कारण उनके सामने अपने पेट भरने की भी चुनौतियाँ खड़ी हुई। ऐसी स्थिति में महेंद्र कोरोना से बेखौफ होकर ऐसे लोगों की सेवा करने के लिए सामने आए। उन्होंने अभी तक अपने आस-पास क्षेत्र में 500 से अधिक लोगों की मदद की। उन्होंने लोगों को खाने का पैकेट, कच्चे अनाज एवं बच्चों के लिए दूध की भी व्यवस्था की।

दूसरों की मदद करने में मिलता है सुकून

महेंद्र कुमार कहते हैं कि अभी का दौर सभी के लिए मुश्किलों भरा है। लेकिन विषेषकर ऐसे लोग अधिक समस्या में है जो गरीब एवं लाचार है। उनके सामने संक्रमण से बचने से अधिक अपने पेट भरने की चुनौतियों है। वह बताते हैं कि इस भयावह स्थिती का अंदाजा उन्हें बहुत पहले हो गया था। इसलिए उन्होंने गरीब एवं लाचार लोगों की सहायता करने की ठानी। वह कहते हैं कि उन्हें भी कोरोना से डर लगता है, लेकिन जब वह गरीब एवं असहाय लोगों की सेवा करने के लिए घर से निकलते हैं तो उनका डर स्वयं खत्म हो जाता है। महेंद्र ने बताया कि लोगों की सेवा करने से उन्हें एक सुकून मिलता है, जिसमें मानवता एवं निःस्वार्थ भाव से सेवा करने की खुश्बू होती है। यही उनके लिए प्रेरणा का निरंतर स्रोत भी बनती रही है।

आध्यात्मिक सोच ने आसान की राह

महेंद्र बताते हैं कि विगत कुछ सालों से उन्हें अध्यात्म एवं धर्म की वास्तविक परिभाषा का आभास हुआ था। इससे उन्हें मानसिक संबल प्राप्त हुआ एवं उन्होंने लोगों की सेवा करने के साथ मंदिरों की भी साफ-सफ़ाई करना भी शुरू किया। वह बताते हैं कि धर्म का वास्तविक उद्देश्य सिर्फ़ भगवान की सेवा तक ही सीमित नहीं, अपितु लोगों की सेवा एवं असहायों की मदद करने के बाद ही पूर्ण होता है।

Siwan News

Recent Posts

बिहार मौसम अपडेट: 19 जिलों में ‘येलो अलर्ट’, 50km/h की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

पटना: बिहार में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने करवट ली है। मौसम विभाग ने…

May 11, 2026

मैरवा: कबीरपुर में गैस रिफिलिंग नियमों को लेकर फूटा ग्राहकों का गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी

मैरवा (सीवान): कबीरपुर स्थित गायत्री इंडेन गैस एजेंसी पर रविवार को उपभोक्ताओं ने जमकर हंगामा…

May 11, 2026

सिवान: हत्या मामले में फरार आरोपित को पुलिस ने पकड़ा

सिवान: पचरुखी थाने की पुलिस ने शुक्रवार की सुबह भवानी मोड़ के समीप से हत्या…

January 25, 2025

खुशखबरी: सिवान से वाराणसी सिटी तक चलेगी महाकुंभ स्पेशल ट्रेन

सिवान जंक्शन से महाकुंभ स्पेशल ट्रैन यात्रियों के लिए चलेगी, रेलवे ने यात्रियों की सहूलियत…

January 13, 2025

बिहार में सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, नया कानून पास

पटना: बिहार में अब सरकारी जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों पर अवैध कब्जा करने वालों…

November 28, 2024

सिवान: हनुमान मंदिर में की गई आरती, हुआ प्रसाद वितरण

परवेज अख्तर/सिवान: शहर के सिसवन ढाला लक्ष्मीपुर हनुमान मंदिर में मंगलवार की देर संध्या श्रीमाता…

August 21, 2024