परवेज अख्तर/सिवान: सदर अस्पताल में डेंगू मरीजों को भर्ती करने की सुविधा तो है लेकिन उनके कम होते प्लेटलेट्स को ट्रांसप्लांट करने की व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों को रेफर करना अस्पताल प्रबंधन की मजबूरी बन गई है। इसकी सुविधा अगर अस्पताल के पास होती तो शायद यहां से मरीजों को रेफर नहीं होना पड़ता।
वहीं दूसरी ओर रेफर होने के कारण मरीजों को आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ता है। जानकारी के अनुसार बाजार में प्लेटलेट्स बढ़ाने की दवा की कीमत करीब पांच से सौ रुपये है। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डा.एमआर रंजन ने बताया कि प्लेटलेट्स की दवा अस्पताल में नहीं आती है। प्लेटलेट्स अधिक गिरने पर मरीज को सदर अस्पताल से रेफर कर दिया जाता है।
पटना / सिवान। बिहार में बाढ़ का संकट गंभीर बना हुआ है। आपदा प्रबंधन विभाग…
सिवान। सदर अस्पताल में एंटी-रेबीज वैक्सीन (एआरवी) का स्टॉक खत्म होने से शुक्रवार को जानवरों…
सिवान। महाराजगंज प्रखंड के रैयतों को राजस्व विभाग से जुड़ी समस्याओं को लेकर भारतीय किसान…
सिवान। जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय ने जिले में छह दिवसीय ऋण वसूली शिविर का आयोजन…
पटना: बिहार में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने करवट ली है। मौसम विभाग ने…
मैरवा (सीवान): कबीरपुर स्थित गायत्री इंडेन गैस एजेंसी पर रविवार को उपभोक्ताओं ने जमकर हंगामा…