परवेज अख्तर, पचरुखी (सिवान) :- चार माह पूर्व मध्य विद्यालय मटुक छपरा के निलंबित प्रधानाध्यापक को पचरुखी बीईओ द्वारा पत्र एवं बिहार शिक्षक सेवा संहिता की नियमावली के विपरीत जीवन यापन निर्वाह भत्ता भी नहीं दिया जा रहा है। बल्कि इस भत्ते के भुगतान के लिए कार्यालयीय खर्च के नाम पर पैसे की भी मांग की गई है। यह आरोप लगाते हुए निलंबित प्रधानाध्यापक निशिकांत श्रीवास्तव की पुत्री अदिति रानी ने इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। उसने डीईओ के दिए पत्र में कहा है कि बिना किसी कारण बताए जीवन निर्वाह भत्ता रोकने के कारण परिवार आर्थिक संकट में फंस गया है। भाई-बहनों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
इस मामले में बीईओ सूर्यप्रकाश ने बताया कि ये आरोप बेबुनियाद है। हमने उनकी बिल डीईओ कार्यालय को भेजा था, वहीं कुछ फाइल में आदेश हुआ होगा। मेरे संज्ञान में नहीं है।
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